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Showing posts from May, 2020

शुरुआत- The Beginning

शुरुआत  बीत रही थी वह एक लम्बी काली रात, गुम जो हुयी वह थी सपनो की सौगात, तलाश खुद की घूम कर हुयी अब फनाह, पर खोज तो खत्म कभी होती नहीं, रंग भरे ऑरोरा  दिखा रहे रास्ते वहीं, देख तो सही क्षितिज के उस पार, मंजिलों की मजलिस हैं बाहें फैलाये, उनकी चाहतें हैं  हिफाज़त में,  तेरे लिए बनी हैं वो सहर की पासबाँ, बेबसी से भरी है तेरे अक्स की दरकार, उज़्र से बेख़बर बढ़ रहे क़ुर्ब, एक नूर है रही तुम्हें पुकार, उस ज़िबे सहर के वक्त  में,  शुरू तो कर अपने कदम उस रौशन, आफ़ताब की तरफ.....!                                                                                                           - Panka...