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Showing posts from January, 2022

नाम थी ज़िन्दगी- "Book of Life"

  नाम   थी ज़िन्दगी   लिखनी   थी   किताब   नाम   थी ज़िन्दगी ; थे   पन्ने   बेहिसाब   नाम   थी  ज़िन्दगी साहस   की   पैमाइशें   मन   में   न   थी , सोच   भी   तनहा   ही   थी ,  विश्वास   का   भी   उन्वान   था , चेतक   सी   कल्पनाओ   पर   बैठा   मैं   प्रताप   था बचपन   का   था   ख्वाब ,  नाम   थी  ज़िन्दगी, लिखनी   थी   एक   किताब   नाम   थी  ज़िन्दगी।   तब   रुकावटों   के   ख्याल   न   थे , चहरे   पर   सिलवटें   से   सवाल   न   थे , अभी   अभी   बनी   हुयी   सड़क   जैसे रास्तों   पर   गड्ढों   के   निशाँ   भी   न   थे ; स्याही   से   भरी   थी   दवात,   नाम   थी   ज़िन्दगी, लिखनी   थी   वो   किताब ...